Author Topic: वो क्यों अब भी खाली हाथ नज़र आता है  (Read 62 times)

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vsm1978

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islah key liye

22  22   22  22   22  22

वो क्यों अब भी खाली हाथ नज़र आता है,
खून पसीने से लथपथ जब घर आता है I

जीवन के किन हालातों से है वो गुजरा ,
खुशियों की खातिर वो खुशियां धर आता है I

ज़िंदा है क्यों मुफलिस दौलत के बाजार में ,
आँखों में  जब  आंसू  भूख  से  भर आता है I

जा फेंक दिया हर टुकड़ा तेरे ही मुँह पर,
इज़्ज़त की बात गरीब  का गर आता है I

खुश हूँ उस से की वो अब भी है  वैसा ही,
बात कभी इज़्ज़त की हो क़त्ल कर आता है I

Vijay Shanker Mishra


Fikr

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islah key liye

22  22   22  22   22  22

वो क्यों अब भी खाली हाथ नज़र आता है,
खून पसीने से लथपथ जब घर आता है I

जीवन के किन हालातों से है वो गुजरा ,
खुशियों की खातिर वो खुशियां धर आता है I

ज़िंदा है क्यों मुफलिस दौलत के बाजार में ,
आँखों में  जब  आंसू  भूख  से  भर आता है I

जा फेंक दिया हर टुकड़ा तेरे ही मुँह पर,
इज़्ज़त की बात गरीब  का गर आता है I

खुश हूँ उस से की वो अब भी है  वैसा ही,
बात कभी इज़्ज़त की हो क़त्ल कर आता है I

Vijay Shanker Mishra

Quote
ज़िंदा है क्यों मुफलिस दौलत के बाजार में ,
आँखों में  जब  आंसू  भूख  से  भर आता है I

बाजार == 221 ..
bhayee yahan behr gadbad hai... ek 1 ya 2 kam hai

Quote
खुश हूँ उस से की वो अब भी है  वैसा ही,
बात कभी इज़्ज़त की हो क़त्ल कर आता है I

बात कभी / इज़्ज़त की हो / क़त्ल कर आता है
baat kabhi  2112 = 222 =3
izzat ki ho= 2222 =4
qatl kar aata( ka--raa--ta) hai
21
ka=1
ra =2
ta=2
hai=2
22222 =5

bhayee rawaani nahi hia out hai behr se... halanki isme vasl ka jugaD bhi lagaya fir bhi nahi
yaha nahi samjha paunga phone pe karenge baat :)

aur ek baat aap poori ghazal main 1+1 ki flexibility ya to even no. pe loge ya odd no pe ..
« Last Edit: February 02, 2015, 10:02:39 AM by Fikr »

vsm1978

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Bahut bahut shukriya bhai , iska kya matlab hai (aur ek baat aap poori ghazal main 1+1 ki flexibility ya to even no. pe loge ya odd no pe ..) thora vistar se bataooo na,