Author Topic: बड़ी नादाँ - सी है वो ; जो कहूँ कुछ मान लेती है !  (Read 86 times)

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vsm1978

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ishlah key liye

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* बड़ी नादाँ - सी है वो ; जो कहूँ कुछ मान लेती है !
*छिपाता हूँ बहुत ; फिर भी हक़ीक़त जान लेती है !!

बुलाती भी नहीं मुझको कभी जो मैं न आऊँ तो
मगर जब रूठती ; मुझ को भी रूठा मान लेती है !!"

तराना है मेरे दिल का; व दिलकश साज - सी है वो ;
कभी छेड़े है वो सरगम, कभी सुर तान लेती है..

उसी की जुस्तजू में मैं सफ़र सारा बिता लूँगा *
* मैं आँखें मूँद लूँ ; तो भी उसे पहचान लेती है !

अगर इक बार कह दे वो सभी बंधन छुड़ा आऊँ
कि उसकी बंदगी ही अब* विजय * पहचान देती है।

Vijay Shanker Mishra

« Last Edit: January 16, 2015, 04:58:21 AM by vsm1978 »

Rashmi

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Vijay ji kis ki islaah ?  Content kahaN hai
Rashmi Sharma

gooDe akkhar ,fatti sukki
adiyo meri gaachi mukki
sukke hanjhu akkhaN waale
haaDa! akkhar mooloN kaale

vsm1978

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lizye , apki kidhmat me content bhi hazir haiN.  Kuch kami mujhe Post karte hi mahsush hui ,is liye sahi karne ke baad dubara dala hai.

Rashmi

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ishlah key liye

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* बड़ी नादाँ - सी है वो ; जो कहूँ कुछ मान लेती है
 !               
??
*छिपाता हूँ बहुत ; फिर भी हक़ीक़त जान लेती है !!

बुलाती भी नहीं मुझको कभी जो मैं न आऊँ तो
मगर जब रूठती ; मुझ को भी रूठा मान लेती है !!"

तराना है मेरे दिल का; व दिलकश साज - सी है वो ;
कभी छेड़े है वो सरगम, कभी सुर तान लेती है..
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yahaN bhi aap ne hai ko 1 pe liya hai jo mere khyaal se theek nahi baaki experts bataayeinge :)

उसी की जुस्तजू में मैं सफ़र सारा बिता लूँगा *
* मैं आँखें मूँद लूँ ; तो भी उसे पहचान लेती है !
   
yahaN hai ki jagah haiN ho gaya

अगर इक बार कह दे वो सभी बंधन छुड़ा आऊँ
कि उसकी बंदगी ही अब* विजय * पहचान देती है।

yahaN aap ne radeef change kar diya ...  :)
Vijay Shanker Mishra
vijay ji sabhi bhav bahut achhe haiN kahin kahin mujhe kuchh dikkat lagi jo maine oopar mention ki hai par iske baare sahi rai vikas hi de sakte haiN :) ...... ji khush rahiye aabaad rahiye ,,, hindvi pe aate rahiye
« Last Edit: January 16, 2015, 12:06:45 PM by Rashmi »
Rashmi Sharma

gooDe akkhar ,fatti sukki
adiyo meri gaachi mukki
sukke hanjhu akkhaN waale
haaDa! akkhar mooloN kaale

Susheel Bharti

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Wah....wah.....bahut hi sunder,,,,,likha hai ji......

Fikr

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* बड़ी नादाँ - सी है वो ; जो कहूँ कुछ मान लेती है !
*छिपाता हूँ बहुत ; फिर भी हक़ीक़त जान लेती है !!

बुलाती भी नहीं मुझको कभी जो मैं न आऊँ तो
मगर जब रूठती ; मुझ को भी रूठा मान लेती है !!"

तराना है मेरे दिल का; व दिलकश साज - सी है वो ;
कभी छेड़े है वो सरगम, कभी सुर तान लेती है..

उसी की जुस्तजू में मैं सफ़र सारा बिता लूँगा *
* मैं आँखें मूँद लूँ ; तो भी उसे पहचान लेती है !

अगर इक बार कह दे वो सभी बंधन छुड़ा आऊँ
कि उसकी बंदगी ही अब* विजय * पहचान देती है।

Vijay Shanker Mishra

pahli ghazal mubarak ho bhayee..... maza aa gaya............
baaki fir dekhta hun ise... is baar to sirf khush hone ka aur daad dene ka man hai

vsm1978

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Re: बड़ी नादाँ - सी है वो ; जो कहूँ कुछ मान लेती है !
« Reply #4 on: January 18, 2015, 05:28:03 PM »
Quote
Wah....wah.....bahut hi sunder,,,,,likha hai ji......

Bhaut Bhaut Shukriya Susheel Bharti je :)

vsm1978

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शुक्रिया Rashmi  जी , experts के नज़रिये का इंतज़ार रहेगा !

vsm1978

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Vikas Bhai, ये  ग़ज़ल  मैंने  इस्लाह  के  लिए  डाली  है , आपके उतसाह बढाने वाले शब्दों  से रोमांचित  हूँ  , लेकिन साथ ही साथ सुझावों के लिए भी !, कुछ सुझाव दें बेहतरी के लिए ! :) :)

Fikr

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* बड़ी नादाँ - सी है वो ; जो कहूँ कुछ मान लेती है !
*छिपाता हूँ बहुत ; फिर भी हक़ीक़त जान लेती है !!

बुलाती भी नहीं मुझको कभी जो मैं न आऊँ तो
मगर जब रूठती ; मुझ को भी रूठा मान लेती है !!"

तराना है मेरे दिल का; व दिलकश साज - सी है वो ;
कभी छेड़े है वो सरगम, कभी सुर तान लेती है..
"Ba" bhayee jodne ke nahi hota... ba is not = aur

aise kar lo ye misraa-e-oola
tarana mere dil ka aur dilaksh saaj si hai wo
ya.....
tarana mere dil ka ya k  dilaksh saaj si hai wo

sur-taan.. bahut acha qaafiya baandha hai khaas daad fir se

उसी की जुस्तजू में मैं सफ़र सारा बिता लूँगा *
* मैं आँखें मूँद लूँ ; तो भी उसे पहचान लेती है !

ye dono misre ek doosre se alag hain bhayee.... koe muqammal maanhi nahi ban raha

अगर इक बार कह दे वो सभी बंधन छुड़ा आऊँ
कि उसकी बंदगी ही अब* विजय * पहचान देती है।


aapne yahan radeef change kar di... aapki radeef "leti" hai..... aapne yahan "deti" kar diya