Author Topic: Ek Nazm  (Read 35 times)

0 Members and 1 Guest are viewing this topic.

Sagar

  • Sr. Member
  • ****
  • Posts: 326
  • Gender: Male
  • Be melting snow~ Rumi
Ek Nazm
« on: August 27, 2014, 10:17:02 PM »
अब तो उम्मीद भी नहीं तुम्हारे आने की
फिर क्यों जला जा रहा हूँ बेवा शब के माथे पर
कालिख बने सूरज सा

अब तो तुम जा चुकी हो पूरी तरह से
अब तो उम्मीद नहीं कोई

मैं मुन्तज़र नहीं तुम्हारे आने का
फ़क़त अंजुमन-ऐ-हस्ती-ओ-मौत देखने की खातिर
टिमटिमा रहा हूँ तमाम अंजुम-ऐ-हयात में
एक बुझती कंदील बनकर

कोई उम्मीद नहीं लेकिन फिर भी कभी तुम शायद
आजाओ पर कैसे आओगे
अब जा चुके हो पूरी तरह से तुम
है न ?


« Last Edit: August 28, 2014, 01:50:39 PM by Sagar »
मोमिन न मैं फ़िराक न ग़ालिब न मीर हूँ
इक आग का गोला हूँ मैं अर्जुन का तीर हूँ

Rashmi

  • Global Moderator
  • ***
  • Posts: 1893
  • Gender: Female
  • Hum se khafa zamaana to Hum bhi jamaane se khafa
Re: Ek Nazm
« Reply #1 on: August 28, 2014, 04:51:36 PM »
अब तो उम्मीद भी नहीं तुम्हारे आने की
फिर क्यों जला जा रहा हूँ बेवा शब के माथे पर
कालिख बने सूरज सा

अब तो तुम जा चुकी हो पूरी तरह से
अब तो उम्मीद नहीं कोई

मैं मुन्तज़र नहीं तुम्हारे आने का
फ़क़त अंजुमन-ऐ-हस्ती-ओ-मौत देखने की खातिर
टिमटिमा रहा हूँ तमाम अंजुम-ऐ-हयात में
एक बुझती कंदील बनकर

कोई उम्मीद नहीं लेकिन फिर भी कभी तुम शायद
आजाओ पर कैसे आओगे
अब जा चुके हो पूरी तरह से तुम
है न ?
hmmm ............ मैं मुन्तज़र नहीं तुम्हारे आने का
फ़क़त अंजुमन-ऐ-हस्ती-ओ-मौत देखने की खातिर
टिमटिमा रहा हूँ तमाम अंजुम-ऐ-हयात में
एक बुझती कंदील बनकर  ,,,,,,,,,,,bahut bhavpooran
Rashmi Sharma

gooDe akkhar ,fatti sukki
adiyo meri gaachi mukki
sukke hanjhu akkhaN waale
haaDa! akkhar mooloN kaale