Author Topic: anjaam  (Read 66 times)

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Rashmi

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anjaam
« on: August 06, 2014, 05:00:31 PM »

जिस के सिर इलज़ाम नहीं है
फिर वो सीता,, राम नहीं है

फिर भर आई मेरी आँखें
पगली हैं कुछ काम नहीं है

पहरों पहर ये राह न देखें
ऐसी कोई शाम नहीं है

रोज़ हज़ारों ख़त हैं आते
तेरा ही पैगाम नहीं है

ग़ज़लों के ताबीज़ भी पहने
रूह को फिर आराम नहीं है

बिक जाते जो मेरे सपने
इतना ऊंचा दाम नहीं है

बन बैठी थी मीरा जोगन
पर क्यों जोगी शाम नहीं है

नैन हुए हैं मद के प्याले
पर होठों तक जाम नहीं है

उस के अच्छे दिन क्या होंगे ?
जिस के सिर पे बाम नहीं है

कितने झांसे और सहेगी
अंधी अब आबाम नहीं है

दिल को झूठा ,,बहला लेना
'रश्मि' ये अन्जाम नहीं है

 

Rashmi Sharma

gooDe akkhar ,fatti sukki
adiyo meri gaachi mukki
sukke hanjhu akkhaN waale
haaDa! akkhar mooloN kaale

Sagar

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Re: anjaam
« Reply #1 on: August 06, 2014, 05:20:51 PM »
Rashmi ji ... kitni taareef karuN.. bahot bahot khoob... maine meter nahi check ki .. mujhe bahot achchhi lagi ye ghazal... matla strong hai kaafi ... kaafi zarf hai aap ki poetry me.. likhte rahiye ,..

ek correction hai shayad.. ho sakta hai aabaam bhi kehte hoN .. lekin dekh leN...
कितने झांसे और सहेगी
अंधी अब आबाम नहीं है ----आबाम ya aavaam???



ग़ज़लों के ताबीज़ भी पहने
रूह को फिर आराम नहीं है

yahi to keh raha tha main itne din se,, :-))

बिक जाते जो मेरे सपने
इतना ऊंचा दाम नहीं है
Awesome


बन बैठी थी मीरा जोगन
पर क्यों जोगी शाम नहीं है

aah haa .. waah

पर क्यों जोगी शाम नहीं है  .. kya kahuN...


this is poetry... hats off
मोमिन न मैं फ़िराक न ग़ालिब न मीर हूँ
इक आग का गोला हूँ मैं अर्जुन का तीर हूँ

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Re: anjaam
« Reply #2 on: August 08, 2014, 08:59:27 AM »
Rashmi ji

Sachhhh...aaj to bas aaapne kmaaal hi kr diya

Ik saaans me pd gyii purii gazal

Bahut khoob

Ruh ko fir bhi aaraam nhi he

Waaaahhhits my favvvvv


Bahut bahut..khoob
zoya****

Lau  hi lau sii ..... saik nhi si
Vekh lya main jugnu phd ke
:-Meesa.

Rashmi

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Re: anjaam
« Reply #3 on: August 11, 2014, 11:05:47 AM »
Rashmi ji ... kitni taareef karuN.. bahot bahot khoob... maine meter nahi check ki .. mujhe bahot achchhi lagi ye ghazal... matla strong hai kaafi ... kaafi zarf hai aap ki poetry me.. likhte rahiye ,..

shukriya sagar ji ....lage haath meter bhi check kar lete ,,to achcha tha

ek correction hai shayad.. ho sakta hai aabaam bhi kehte hoN .. lekin dekh leN...
कितने झांसे और सहेगी
अंधी अब आबाम नहीं है ----आबाम ya aavaam???

ye main aksar ghalti karti hooN v or b ki   :(



ग़ज़लों के ताबीज़ भी पहने
रूह को फिर आराम नहीं है

yahi to keh raha tha main itne din se,, :-))

lijiye aaj humne bhi kah diya

बिक जाते जो मेरे सपने
इतना ऊंचा दाम नहीं है
Awesome

shukriya
बन बैठी थी मीरा जोगन
पर क्यों जोगी शाम नहीं है

aah haa .. waah

पर क्यों जोगी शाम नहीं है  .. kya kahuN...

behad shukriya ji
this is poetry... hats off
i am greatful to u ...itni taareef mat karo maiN apne aap ko poet samjhane lag jaaungi   :)


shukriya Sagar aise protsahan badta hai ...

Rashmi Sharma

gooDe akkhar ,fatti sukki
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haaDa! akkhar mooloN kaale

Aanchal

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Re: anjaam
« Reply #4 on: November 04, 2014, 04:42:30 PM »


Waaahhh bohut umdaah Rashmi ji


Quote
जिस के सिर इलज़ाम नहीं है
फिर वो सीता,, राम नहीं है
Waahh

Quote
फिर भर आई मेरी आँखें
पगली हैं कुछ काम नहीं है
Khuubsuurat


Quote
पहरों पहर ये राह न देखें
ऐसी कोई शाम नहीं है

रोज़ हज़ारों ख़त हैं आते
तेरा ही पैगाम नहीं है

ग़ज़लों के ताबीज़ भी पहने
रूह को फिर आराम नहीं है
Aahhaahh


Quote
बिक जाते जो मेरे सपने
इतना ऊंचा दाम नहीं है

बन बैठी थी मीरा जोगन
पर क्यों जोगी शाम नहीं है
Umdaah


Quote
नैन हुए हैं मद के प्याले
पर होठों तक जाम नहीं है

उस के अच्छे दिन क्या होंगे ?
जिस के सिर पे बाम नहीं है
Hahaha.Khuub


Quote
कितने झांसे और सहेगी
अंधी अब आबाम नहीं है
Umdaah

दिल को झूठा ,,बहला लेना
'रश्मि' ये अन्जाम नहीं है


bahut khoob ji.... umda ghazal
« Last Edit: November 04, 2014, 04:47:07 PM by Aarti »

Tarkash

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Re: anjaam
« Reply #5 on: November 05, 2014, 12:53:47 PM »
अच्छी ग़ज़ल मैम

Rashmi

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Re: anjaam
« Reply #6 on: November 12, 2014, 05:53:52 PM »


Waaahhh bohut umdaah Rashmi ji


Quote
जिस के सिर इलज़ाम नहीं है
फिर वो सीता,, राम नहीं है
Waahh

Quote
फिर भर आई मेरी आँखें
पगली हैं कुछ काम नहीं है
Khuubsuurat


Quote
पहरों पहर ये राह न देखें
ऐसी कोई शाम नहीं है

रोज़ हज़ारों ख़त हैं आते
तेरा ही पैगाम नहीं है

ग़ज़लों के ताबीज़ भी पहने
रूह को फिर आराम नहीं है
Aahhaahh


Quote
बिक जाते जो मेरे सपने
इतना ऊंचा दाम नहीं है

बन बैठी थी मीरा जोगन
पर क्यों जोगी शाम नहीं है
Umdaah


Quote
नैन हुए हैं मद के प्याले
पर होठों तक जाम नहीं है

उस के अच्छे दिन क्या होंगे ?
जिस के सिर पे बाम नहीं है
Hahaha.Khuub


Quote
कितने झांसे और सहेगी
अंधी अब आबाम नहीं है
Umdaah

दिल को झूठा ,,बहला लेना
'रश्मि' ये अन्जाम नहीं है


bahut khoob ji.... umda ghazal
shukriya aanchu aapki pasand karne ka andaaz hameiN bahut bhaya ,,,,,,,,,,shukriya phir se aate rahiye
Rashmi Sharma

gooDe akkhar ,fatti sukki
adiyo meri gaachi mukki
sukke hanjhu akkhaN waale
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Musaahib

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Re: anjaam
« Reply #7 on: November 13, 2014, 08:25:38 AM »
Lajawaab Mukammal Ghazal ....Matle se lekar Makte tak kuch yaad nahi raha bus Ghazal ki khushboo fail gayi charo taraf........Bahut Khoobsurat ..
Hazaron Daad Qubool KareiN..............
:)