Author Topic: बड़ा नाज़ुक ये रिश्ता है, सो अब खामोश रहता हूँ  (Read 63 times)

0 Members and 1 Guest are viewing this topic.

Sagar

  • Sr. Member
  • ****
  • Posts: 326
  • Gender: Male
  • Be melting snow~ Rumi
Meter: 1222 1222 1222 1222

बड़ा नाज़ुक ये रिश्ता है, सो अब खामोश रहता हूँ
मुझे गैरों में गिनता है,  सो अब खामोश रहता हूँ

बयाँ करता किताब-ऐ-जाँ, तुम्हारा नाम ये लेकिन
ज़ुबाँ पे आके ठहरा है, सो अब खामोश रहता हूँ

उसे हक़ है तसल्ली से सभी चेहरों को पढ़ने दो
बहूत मशरूफ़ लगता है, सो अब खामोश रहता हूँ

कहीं ऐसा न हो दिल बेवफ़ा होने पे आमद हो
ये दिल खामोश रहता है, सो अब खामोश रहता हूँ


बड़े लोगों से बच कर के मिला कीज़े ज़माना ये
दबी आवाज़ कहता है, सो अब खामोश रहता हूँ

 
 ~ Sagar
मोमिन न मैं फ़िराक न ग़ालिब न मीर हूँ
इक आग का गोला हूँ मैं अर्जुन का तीर हूँ

Aarti

  • Administrator
  • *****
  • Posts: 80
  • Gender: Female
Bahut pyaari ghazal hai...... sondhi sondhi khusbhu hai pyar ki isme...........
Jo khamosh rah k bolti hai

ridham

  • Full Member
  • ***
  • Posts: 206
bahut hi pyaari ghazal hai ji....likhte rahiye

Rashmi

  • Global Moderator
  • ***
  • Posts: 1893
  • Gender: Female
  • Hum se khafa zamaana to Hum bhi jamaane se khafa
Meter: 1222 1222 1222 1222

बड़ा नाज़ुक ये रिश्ता है, सो अब खामोश रहता हूँ
मुझे गैरों में गिनता है,  सो अब खामोश रहता हूँ

बयाँ करता किताब-ऐ-जाँ, तुम्हारा नाम ये लेकिन
ज़ुबाँ पे आके ठहरा है, सो अब खामोश रहता हूँ

उसे हक़ है तसल्ली से सभी चेहरों को पढ़ने दो
बहूत मशरूफ़ लगता है, सो अब खामोश रहता हूँ

कहीं ऐसा न हो दिल बेवफ़ा होने पे आमद हो
ये दिल खामोश रहता है, सो अब खामोश रहता हूँ


बड़े लोगों से बच कर के मिला कीज़े ज़माना ये
दबी आवाज़ कहता है, सो अब खामोश रहता हूँ

 
 ~ Sagar
khoobsoorat ghazal ......hameshaN ki tarah,,,,,,,,,,meeTe pyaare ehsaas liye hue
Rashmi Sharma

gooDe akkhar ,fatti sukki
adiyo meri gaachi mukki
sukke hanjhu akkhaN waale
haaDa! akkhar mooloN kaale

ridham

  • Full Member
  • ***
  • Posts: 206
sab ke sab sher bahut khoobsoorat ,waaah ji

masoomshayer

  • Newbie
  • *
  • Posts: 5
bahut achaa lagaa padh kar bahut khoob kaha hai