Umeed-e-ghazal

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[1] купить навес для дачи недорого

[2] kabhi dekha to hoga na wo sookhe zard se patte

[3] Saanso ka khilna mahakana aarzoo ki taan se

[4] वो क्यों अब भी खाली हाथ नज़र आता है

[5] नहीं तू भी कोई अजंता की मूरत ,

[6] बड़ी नादाँ - सी है वो ; जो कहूँ कुछ मान लेती है !

[7] ईश्क करना अगर सज़ा होता...रचनाकार— सुशील भारती

[8] वक़्त की हर चोट से गुजरा हूँ

[9] duaeiN

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